जमशेदपुर |झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश सिंह भले ही दुमका जेल की सलाखों के पीछे हो, लेकिन उसके गिरोह के काम करने का तरीका अब पूरी तरह बदल चुका है। विक्रम शर्मा की हत्या के बाद गिरोह के भीतर बड़े पैमाने पर फेरबदल की खबरें आ रही हैं। ताज़ा अपडेट के अनुसार, अखिलेश ने अब अपने रियल एस्टेट और मॉल के विशाल कारोबार को संभालने के लिए अशोक सिंह राघव को मोहरे के तौर पर आगे किया है।

गुरुग्राम से लेकर बनारस तक फैला नेटवर्क कागजी कार्रवाई और विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो अशोक राघव अब गिरोह का नया रणनीतिकार बनकर उभरा है। उसे विशेष रूप से गुरुग्राम के एक नामी मॉल और दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की कमान सौंपी गई है। याद रहे कि 2017 में अखिलेश की गिरफ्तारी भी इसी मॉल के पास से हुई थी। चर्चा है कि राघव के साथ गिरोह के कुछ अन्य सक्रिय युवा अब नोएडा, गुरुग्राम और बनारस जैसे शहरों में फैले करोड़ों के साम्राज्य का विस्तार करेंगे।
सियासी गलियारों तक पहुँच:
दिल्ली और कोलकाता के नेताओं से ‘साझेदारी’ जांच एजेंसियों और राजनीतिक हलकों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि अखिलेश सिंह के व्यापारिक तार दिल्ली के एक बेहद रसूखदार मंत्री से जुड़े हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर के कई बड़े प्रोजेक्ट्स में यह प्रभावशाली नेता अखिलेश का पार्टनर है।
अखिलेश का यह ‘पॉलिटिकल नेक्सस’ नया नहीं है। इससे पहले कोलकाता के भी एक बड़े राजनेता के साथ उसकी साझेदारी सुर्ख़ियों में रही थी। इसी संदिग्ध लेन-देन के कारण आयकर विभाग (Income Tax) ने बेनामी संपत्ति के संदेह में गिरोह के निवेश की जांच शुरू की थी, जो अभी भी जारी है।
विक्रम शर्मा के हटने के बाद गिरोह में एक समय असमंजस की स्थिति थी, लेकिन अब नए और पेशेवर हाथों में बागडोर आने से सदस्यों में उत्साह देखा जा रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में व्यापार को नए सिरे से संगठित किया जा रहा है। गिरोह के नए रणनीतिकार अब नोएडा और दिल्ली जैसे पॉश इलाकों में अपने पैर पसारने की जुगत में हैं।








