सरायकेला : झारखंड में औद्योगिक विकास को एक नई गाथा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 8-9 जुलाई को दिल्ली के होटल ताज पैलेस में ‘नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन समिट’ का आयोजन किया गया। इससे पूर्व, जून माह में उद्योग विभाग द्वारा रांची के रेडिसन ब्लू होटल में एक विस्तृत कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें उद्यमी संगठनों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए गए थे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मौके पर स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अब झारखंड की पहचान सिर्फ ‘माइंस’ (खनिजों) से नहीं, बल्कि ‘माइंड’ (प्रतिभा) से भी होगी। इस समिट में उद्योग जगत के दिग्गजों के अलावा इसरो (ISRO) के प्रतिनिधिमंडल ने भी हिस्सा लिया, जिसमें रूपेश कतरियार, राजीव शुक्ला, आकाश जायसवाल और संजय दुबे शामिल थे।

इसरो के अध्यक्ष रूपेश कटारियार ने तैयार किए गए नए ड्रॉफ्ट प्रस्ताव को पूरी तरह ‘उद्योगोन्मुखी’ बताया और झारखंड सरकार के इस प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह ड्रॉफ्ट राज्य के उद्योगों के लिए एक नया सवेरा लेकर आएगा।
इस अवसर पर आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता में इसरो के महासचिव संदीप मिश्रा, गौतम महापात्रा और राजीव शुक्ला भी उपस्थित थे। इस समिट के दौरान राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आईटी और डीप-टेक के विकास पर विशेष रोडमैप पर चर्चा की गई। साथ ही, युवाओं और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए गूगल (Google) जैसी बड़ी कंपनियों के साथ एमओयू (MoU) की दिशा में भी सरकार कदम आगे बढ़ा रही है, जो विशेषकर जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहरों के उद्यमियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।








