लोन चुकाने के बाद भी खाते से कटती रही रकम, YES BANK को ₹41,384 लौटाने का आदेश

YES BANK के खिलाफ उपभोक्ता आयोग के आदेश की खबर

Chaibasa (चाईबासा)। व्यक्तिगत ऋण की पूरी देनदारी चुकाने के बाद भी बैंक खाते से अतिरिक्त राशि की कटौती और ऋण खाता बंद होने का प्रमाणपत्र जारी नहीं करने के मामले में पश्चिमी सिंहभूम जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने YES BANK के खिलाफ शिकायत स्वीकार करते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आयोग ने बैंक को शिकायतकर्ता बिजन कुमार पोद्दार को अतिरिक्त वसूली की गई ₹41,384 की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का निर्देश दिया है।

आयोग के आदेश के अनुसार ब्याज की गणना शिकायत दाखिल करने की तारीख 11 सितंबर 2025 से वास्तविक भुगतान तक की जाएगी। इसके अलावा बैंक को मानसिक पीड़ा एवं उत्पीड़न के लिए ₹20,000 तथा मुकदमा खर्च के रूप में ₹10,000 देने का भी आदेश दिया गया है।

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₹1.67 लाख के व्यक्तिगत ऋण का मामला

मामला चाईबासा के तुंगरी निवासी बिजन कुमार पोद्दार से संबंधित है। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने YES BANK से ₹1,67,536 का व्यक्तिगत ऋण लिया था। इसकी मासिक किस्त ₹3,964 निर्धारित थी।

शिकायतकर्ता का दावा था कि ऋण की निर्धारित देनदारी पूरी करने के बाद भी उनके बैंक खाते से रकम काटी जाती रही। उनके अनुसार ₹885 प्रति माह की दर से 40 महीने में ₹35,400 तथा अन्य समायोजन के नाम पर ₹5,984 काटे गए। इस तरह कुल ₹41,384 की अतिरिक्त राशि खाते से वसूली गई।

शिकायतकर्ता ने बैंक से अतिरिक्त राशि वापस करने के साथ ऋण खाता बंद करने का NOC/Loan Closure Certificate जारी करने और क्रेडिट रिकॉर्ड में भी ऋण की सही स्थिति अपडेट करने की मांग की थी।

नोटिस के बावजूद बैंक की ओर से जवाब नहीं

मामले की सुनवाई के दौरान YES BANK को आयोग की ओर से नोटिस की विधिवत तामील कराई गई। हालांकि बैंक की ओर से न तो आयोग के समक्ष उपस्थिति दर्ज कराई गई और न ही लिखित जवाब दाखिल किया गया।

इसके बाद 6 मार्च 2026 के आदेश के तहत मामले की कार्यवाही बैंक के विरुद्ध एकतरफा आगे बढ़ाई गई।

अतिरिक्त कटौती का रिकॉर्ड नहीं दे सका बैंक

आयोग ने अपने आदेश में कहा कि बैंक के पास विवादित राशि की कटौती को सही ठहराने के लिए ऋण समझौता, भुगतान का विस्तृत विवरण, शुल्क की गणना अथवा अन्य संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर था। लेकिन बैंक की ओर से इस संबंध में कोई प्रभावी प्रतिवाद या साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं लाया गया।

ऐसे में अतिरिक्त रकम की कटौती को संतोषजनक तरीके से स्पष्ट नहीं किया जा सका। आयोग ने इसे सेवा में कमी माना और शिकायतकर्ता के पक्ष में आदेश पारित किया।

NOC और क्रेडिट रिकॉर्ड अपडेट करने का भी आदेश

आयोग ने YES BANK को निर्देश दिया है कि वह बिना अनावश्यक देरी के शिकायतकर्ता को NOC/Loan Closure Certificate जारी करे। साथ ही संबंधित क्रेडिट सूचना कंपनियों के रिकॉर्ड में भी ऋण की सही क्लोजर स्थिति अपडेट करनी होगी।

बैंक को आदेश की प्रति प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर सभी निर्देशों का पालन करना होगा। निर्धारित अवधि में मौद्रिक भुगतान नहीं किए जाने की स्थिति में आदेश में निर्धारित शर्तों के अनुसार देय राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लागू होगा।

मामला: C.C. Case No. 32/2025
शिकायतकर्ता: बिजन कुमार पोद्दार, तुंगरी, चाईबासा
विपक्षी: YES BANK, जमशेदपुर एवं YES BANK कॉरपोरेट कार्यालय, मुंबई
शिकायत की तारीख: 11 सितंबर 2025
अंतिम सुनवाई: 10 सितंबर 2026
फैसले की तारीख: 28 सितंबर 2026

 

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