विश्व आदिवासी दिवस 2026 को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी तेज, आयोजन समिति की बैठक में बनी व्यापक रणनीति

विश्व आदिवासी दिवस 2026

चाईबासा। आगामी 9 अगस्त 2026 को सिंहभूम स्पोर्ट्स एसोसिएशन मैदान, चाईबासा में आयोजित होने वाले विश्व आदिवासी दिवस को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने के उद्देश्य से बुधवार को आयोजन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आयोजन समिति के अध्यक्ष इपिल सामड ने की। इसमें विभिन्न आदिवासी सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, युवाओं, महिला प्रतिनिधियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने भाग लेकर आयोजन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।

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बैठक की शुरुआत पारंपरिक ‘जोहार’ के साथ हुई। इसके बाद पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि करते हुए अब तक की तैयारियों की समीक्षा की गई। आयोजन से जुड़े सभी कार्यों को समयबद्ध, अनुशासित एवं व्यवस्थित ढंग से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष इपिल सामड ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता, संस्कृति, परंपरा, इतिहास, संघर्ष और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज को एकजुट करने, नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और एकता का संदेश देने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

बैठक में कार्यक्रम स्थल की तैयारी, भव्य मंच निर्माण, अतिथियों के स्वागत, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, पारंपरिक नृत्य एवं लोकगीतों की प्रस्तुति, प्रतिभागियों के पंजीकरण, यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था तथा व्यापक प्रचार-प्रसार सहित सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न उपसमितियों का गठन कर जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गईं।

समिति ने निर्णय लिया कि इस वर्ष का आयोजन आदिवासी सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखकर किया जाएगा। पारंपरिक वेशभूषा, लोक कला, लोक संगीत, लोकनृत्य, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक झांकियां कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण होंगे। साथ ही युवाओं और बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

बैठक में शिक्षा, खेल, कला, संस्कृति और समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, कलाकारों एवं समाज के विशिष्ट व्यक्तियों को समारोह के दौरान सम्मानित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, शिक्षा, स्वास्थ्य, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण और युवा नेतृत्व जैसे विषयों पर जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी सहमति बनी।

बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि 9 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाला विश्व आदिवासी दिवस पूरे कोल्हान का सबसे बड़ा, अनुशासित, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक आयोजन होगा। आयोजन समिति ने समाज के सभी वर्गों से कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग और सहभागिता की अपील की।

बैठक में संचू तिर्की, सतीश चंद्र सामड, मंजीत सिंह बोयपाई, पंकज पुरती, राज पाट पिंगुवा, मनमोहन कंडाइबुरू, कमलेश बिरुवा, राज कुमार पुरती, ईशु टोप्पो, अजय पुरती, जगरनाथ हेम्ब्रोम, क्रांति तिरिया, राज कुमार मुंडरी, अशोक मुंडरी, बालकिशन देवगम, अमर सिंह पाट पिंगुवा, वीरसिंह बालमुचू, युवराज पूर्ति, संजय कुमार लागुरी, सुभाष चंद्र सिंकू सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

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