मध्यस्थता से विवादों का समाधान: 1 अक्टूबर से शुरू होगा ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ अभियान

चाईबासा सिविल कोर्ट परिसर से मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 के जागरूकता वाहन रवाना करते पीडीजे

चाईबासा। आम लोगों को मुकदमों के लंबे खर्च और समय से राहत दिलाने तथा आपसी सहमति से विवादों का समाधान कराने के उद्देश्य से पश्चिमी सिंहभूम जिले में ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ अभियान शुरू किया जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA), नई दिल्ली के निर्देश और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के मार्गदर्शन में यह अभियान 1 अक्टूबर से दिसंबर के अंत तक जिलेभर में चलाया जाएगा।

पीडीजे मोहम्मद शाकिर ने जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी, दिसंबर तक जिलेभर में चलेगा अभियान

अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), पश्चिमी सिंहभूम, मोहम्मद शाकिर ने सिविल कोर्ट चाईबासा परिसर से जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि मध्यस्थता विवादों का समाधान पाने का सरल और किफायती रास्ता है। बातचीत और आपसी सहमति के जरिए कई ऐसे विवादों का समाधान निकाला जा सकता है, जिनके लिए लोगों को लंबे समय तक न्यायालय की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

शहर से सुदूर गांवों तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान

DLSA के सचिव रवि चौधरी ने बताया कि जागरूकता वाहन जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी जाएंगे। चक्रधरपुर, जगन्नाथपुर, मझगांव, नोवामुंडी, मनोहरपुर, गोइलकेरा, टोंटो, हाटगम्हरिया समेत जिले के सभी प्रखंडों में लोगों को मध्यस्थता की प्रक्रिया और इसके लाभों की जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि न्यायालय में लंबित दीवानी, पारिवारिक और समझौता योग्य आपराधिक मामलों का समाधान कई परिस्थितियों में दोनों पक्षों की सहमति से मध्यस्थता के माध्यम से किया जा सकता है। मुकदमा शुरू करने से पहले भी उपयुक्त मामलों में संबंधित विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क किया जा सकता है।

समय और पैसे की बचत के साथ रिश्ते भी बचते हैं

अभियान के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि मध्यस्थता में पक्षकारों के बीच बातचीत के जरिए समाधान तलाशा जाता है। इससे समय और खर्च की बचत होने के साथ पारिवारिक एवं सामाजिक रिश्तों को बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है। मध्यस्थता की प्रक्रिया में गोपनीयता का भी ध्यान रखा जाता है।

DLSA की ओर से बताया गया कि कानूनी सहायता और मध्यस्थता से संबंधित जानकारी के लिए NALSA के टोल-फ्री नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।

न्यायिक अधिकारी और विधिक सेवा से जुड़े लोग रहे मौजूद

जागरूकता वाहन रवाना किए जाने के अवसर पर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय सूर्य भूषण ओझा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विनोद कुमार सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय संतोष आनंद प्रसाद, मध्यस्थगण, एलएडीसी के अधिवक्ता, न्यायिक एवं विधिक सेवा से जुड़े अधिकारी तथा पीएलवी हेमराज निषाद और सूरज कुमार ठाकुर सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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