सरायकेला: देश की भविष्य की नीतियों और विकास का आधार मानी जाने वाली ‘जनगणना 2026’ का बिगुल बज चुका है। सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त (DC) नितीश कुमार सिंह ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिले में जनगणना के संचालन को लेकर विस्तृत रूपरेखा साझा की।

दो चरणों में विभाजित होगी प्रक्रिया
उपायुक्त ने बताया कि इस बार की जनगणना दो मुख्य चरणों में पूरी की जाएगी:
* प्रथम चरण (16 मई से 14 जून): इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग’ और ‘हाउसिंग सेंसस’ का कार्य होगा। इसमें मकानों की सूची तैयार करने के साथ-साथ मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों का डेटा संकलित किया जाएगा। इस कार्य हेतु चार अधिकारियों के नेतृत्व में फील्ड ट्रेनर्स और ऑफिसर्स की तैनाती की गई है।
* द्वितीय चरण (9 फरवरी से 28 फरवरी): इस चरण में वास्तविक जनसंख्या की गणना होगी, जिसमें सामाजिक और आर्थिक स्थिति से संबंधित आंकड़े जुटाए जाएंगे।
डिजिटल जनगणना और ‘सेल्फ इनुमरेशन’
प्रशासन ने इस बार तकनीक पर विशेष जोर दिया है। उपायुक्त के अनुसार, प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए पोर्टल और लिंक उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक ‘सेल्फ इनुमरेशन’ (स्वयं गणना) कर सकते हैं। यह विकल्प पढ़े-लिखे और तकनीक-प्रेमी नागरिकों को घर बैठे अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की सुविधा देता है।
चुनौतियाँ और सुझाव
हालाँकि डिजिटल पहल सराहनीय है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क और संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। जानकारों का मानना है कि पंचायत भवनों और कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSC) पर मुफ्त लिंक की सुविधा उपलब्ध कराने से आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी। जनगणना केवल संख्या नहीं, बल्कि स्कूल, अस्पताल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाने का मुख्य आधार है।







