चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में बालू एवं गिट्टी की रॉयल्टी भुगतान और खनन टेंडर की प्रक्रिया को लेकर संवेदकों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीण संवेदक संघ, पश्चिमी सिंहभूम-चाईबासा की ओर से इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
संघ के अध्यक्ष सुनील सिरका द्वारा 15 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जिले में वर्तमान समय में बालू एवं गिट्टी के माइनिंग टेंडर नहीं होने के कारण निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली बालू और गिट्टी की रॉयल्टी प्राप्त करने तथा उसका भुगतान करने में संवेदकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पत्र में बताया गया है कि विभिन्न विभागों द्वारा संवेदकों के साथ टेंडर और एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें कार्य शुरू करने का निर्देश दिया जाता है। लेकिन बालू एवं गिट्टी की रॉयल्टी से संबंधित व्यवस्था स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण संवेदकों को कार्यस्थल पर निर्माण सामग्री की व्यवस्था करने और काम पूरा होने के बाद बिल भुगतान की प्रक्रिया में परेशानी हो रही है।
समय पर निर्माण कार्य पूरा करने में आ रही बाधा
ग्रामीण संवेदक संघ का कहना है कि रॉयल्टी से जुड़ी समस्या के कारण संवेदकों को समय पर निर्माण कार्य पूरा करने में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसका असर विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ संवेदकों के लंबित बिल भुगतान पर भी पड़ रहा है।
संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जिले में पूर्व की तरह बालू एवं गिट्टी की रॉयल्टी भुगतान/जमा करने की व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए आवश्यक पहल की जाए। इससे संवेदक विभागीय टेंडर एवं एग्रीमेंट की शर्तों के अनुरूप निर्बाध रूप से कार्य कर सकेंगे और उनके बिल भुगतान में भी अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।
DMFT फंड की निविदाओं का Estimate संशोधित दर पर तैयार कराने की मांग
दूसरे पत्र में ग्रामीण संवेदक संघ ने DMFT फंड से वित्तीय वर्ष 2026-27 में होने वाली निविदाओं के Estimate को संशोधित अनुसूचित दर के अनुरूप पुनः तैयार कराने की मांग की है।
पत्र के अनुसार, 31 अगस्त 2026 से झारखंड राज्य में संशोधित अनुसूचित दर लागू किए जाने का निर्णय लिया गया है। संघ ने इसी के आधार पर पश्चिमी सिंहभूम जिले में DMFT फंड से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित सभी निविदाओं के Estimate को संशोधित दर के अनुरूप तैयार कराने के लिए उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया है।
संघ का कहना है कि संशोधित दर के अनुरूप Estimate तैयार होने से संवेदकों को होने वाली आर्थिक कठिनाइयों से राहत मिलेगी। साथ ही सरकारी योजनाओं के कार्यों का सुचारू और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
दोनों पत्रों के माध्यम से संघ ने मुख्यमंत्री से मामले को गंभीरता से लेते हुए पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की है।








