सरायकेला। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित ‘ICAR-CSR कॉन्क्लेव 2026’ के तहत देशभर में पहली बार किसानों की रियल-टाइम डिजिटल प्रतिक्रिया दर्ज करने की ऐतिहासिक पहल की गई। इस राष्ट्रीय अभियान में सरायकेला-खरसावां जिले के 275 किसानों सहित देशभर के करीब 5 लाख किसानों ने भाग लेकर कृषि विकास, आधुनिक तकनीक और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों पर अपनी राय साझा की।
कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सरायकेला के प्रधान सह वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पंकज सेठ ने बताया कि यह देशव्यापी अभियान प्रधानमंत्री के निर्देशों और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आयोजित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित मुख्य कॉन्क्लेव के समानांतर देश के सभी 731 कृषि विज्ञान केंद्रों में यह कार्यक्रम संचालित किया गया।

डॉ. सेठ ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान किसानों से कृषि प्रबंधन, आधुनिक तकनीक, जलवायु परिवर्तन और खेती की चुनौतियों से जुड़े पांच महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे गए। किसानों ने ‘किसान सारथी ऐप’ के माध्यम से डिजिटल पंजीकरण कर अपने सुझाव और अनुभव साझा किए। इन प्रतिक्रियाओं को रियल-टाइम में संकलित कर नई दिल्ली में आयोजित कॉन्क्लेव के दौरान प्रदर्शित किया गया।
उन्होंने बताया कि इस डिजिटल फीडबैक को देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उनका मानना है कि यदि बड़े औद्योगिक घराने कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाते हैं, तो किसानों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर कृषि बुनियादी ढांचा और मजबूत इनपुट सप्लाई चेन उपलब्ध हो सकेगी।
डॉ. पंकज सेठ ने कहा कि टाटा, बिड़ला, महिंद्रा, रिलायंस और अडानी जैसे प्रमुख औद्योगिक समूह कृषि क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर रुचि दिखा रहे हैं। यदि कृषि अवसंरचना, भंडारण, प्रसंस्करण और सप्लाई चेन के क्षेत्र में निवेश बढ़ता है, तो किसानों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण को भी नई गति मिलेगी।








