चाईबासा, 28 मार्च 2026:
आदिवासी समाज के अधिकारों और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर चाईबासा में एक अहम पहल देखने को मिली। आदिवासी हो समाज महासभा एवं विभिन्न सेवानिवृत्त आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने के राष्ट्रीय समन्वयक के नेतृत्व में के प्रभारी से मुलाकात की।
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परिसदन में हुई अहम बैठक
यह मुलाकात में हुई, जहां प्रतिनिधिमंडल ने आदिवासी समाज से जुड़े 12 प्रमुख प्रस्तावों का ज्ञापन सौंपा।
इन प्रस्तावों में मुख्य रूप से:
- जल, जंगल और जमीन के अधिकार
- शिक्षा और रोजगार
- स्वास्थ्य सेवाएं
- भाषा और संस्कृति संरक्षण
- लंबित विकास योजनाओं पर कार्रवाई
जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे।
क्या बोले प्रतिनिधि?
आदिवासी हो समाज महासभा के उपाध्यक्ष बमिया बारी ने कहा कि:
👉 “ये प्रस्ताव आदिवासी समाज के अधिकारों और विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। हमें आश्वासन मिला है कि इन्हें उच्च स्तर पर उठाया जाएगा।”
वहीं दीनबंधु बोयपाई ने कहा कि:
👉 “अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस आदिवासी मुद्दों को गंभीरता से ले रही है और आने वाले समय में समाधान हमारी प्राथमिकता होगी।”
AICC की प्रतिक्रिया
के. राजू ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आदिवासी कल्याण से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने समाज में जागरूकता को विकास की कुंजी बताया।
ये रहे प्रमुख सहभागी
इस दौरान कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख हैं:
- रमाय पुरती (अध्यक्ष), चन्द्र मोहन (सचिव), कान्डेराम बिरूली (कोषाध्यक्ष)
- राम सिंह बिरूली, जय सिंह कुंटिया, सागर बिरूवा
- केरसे देवगम, तुरी सुन्डी, विश्वजीत दोराईबुरु
- बमिया बारी, चैतन्य कुंकल, छोटेलाल तामसोय









