गम्हरिया : जमालपुर सतबोहनी क्षेत्र में जारी भूमि विवाद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। मामले को लेकर अमित कुमार सिंह (पिता: शिव बहादुर सिंह) ने मणिकांत के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान उन्होंने अपने और सहयोगी रोहित चौधरी के ऊपर लगे भूमि हड़पने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विरोधी पक्ष पर ही गंभीर वित्तीय हेरफेर और साजिश रचने के आरोप मढ़े हैं।

“600 स्क्वायर फीट जमीन का खरीदार भू-माफिया कैसे?”
अमित सिंह ने प्रेस वार्ता में आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि उनके खिलाफ चलाए जा रहे तमाम अभियान बेबुनियाद और निराधार हैं। उन्होंने कहा, “मैंने नियमानुसार केवल 600 स्क्वायर फीट जमीन खरीदी है। क्या महज इतनी सी जमीन खरीदने वाला व्यक्ति भू-माफिया हो जाता है?” उन्होंने मुख्य आरोपी अशोक सिंह पर पलटवार करते हुए दावा किया कि अशोक सिंह ने खुद आरती देवी नामक महिला को फर्जी तरीके से 1300 स्क्वायर फीट जमीन ₹26 लाख में बेच दी है। अब ना तो वे उस महिला को जमीन का म्यूटेशन और पोजीशन दे रहे हैं और ना ही रकम वापस कर रहे हैं। इसी सच को दबाने के लिए वे रोज नई प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं।
अशोक कुमार सिंह द्वारा बाउंड्री वॉल तोड़े जाने का वीडियो
बिचौलियागिरी और ₹1 लाख तक की मांग का आरोप
अमित सिंह ने आरोप लगाया कि अशोक सिंह क्षेत्र में बिचौलिए के रूप में काम करते हैं। उन्होंने दावा किया, “अशोक सिंह द्वारा हमसे और रोहित चौधरी से ₹50,000 से लेकर ₹1,00,000 तक की मांग की गई थी। पैसे न देने पर उन्होंने दो दिन पहले 40 लोगों के साथ आकर हमारी बाउंड्री वॉल तोड़ दी, जिसकी लिखित शिकायत हमने थाने में दर्ज कराई है। रंगदारी मांगने के हमारे पास पुख्ता ऑडियो प्रमाण भी मौजूद हैं।”
जानकारी देते अमित सिंह
नापी की खुली चुनौती, प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
रास्ता रोकने के आरोपों पर स्थिति साफ करते हुए उन्होंने कहा कि उक्त मौजा में हजारों लोग रोहित चौधरी के पूर्वजों की रैयती जमीन पर रह रहे हैं, उन्हें कोई समस्या नहीं है। रास्ता मामले में संतोष जी का नाम उछाला जा रहा है, जिनका प्लॉट संख्या 65 और 68 में है, “हमारे पास अंचल कार्यालय की सर्टिफाइड कॉपी है। आदित्यपुर थाना प्रभारी के निर्देश के बावजूद अशोक सिंह और अन्य लोग सरकारी नापी कराने से पीछे भाग रहे हैं। हम आज भी लिखित गारंटी देते हैं कि यदि सरकारी नापी में हमारा दावा गलत साबित हुआ, तो हम सहर्ष पीछे हट जाएंगे।”
अमित सिंह ने बताया कि उनके सहयोगी रोहित चौधरी की माता जी की तबीयत खराब होने के कारण वे अस्पताल में हैं, जिससे वे आज उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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