चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत मतकमहातु (महुलसाई) गांव की आदिवासी कॉलोनी टुंगरी में आंगनबाड़ी सेविका चयन को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अनुसूचित जनजाति (एसटी) बहुल क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर गैर-एसटी महिला को सेविका नियुक्त किया गया है। इस मामले में ग्रामीणों ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को हस्ताक्षरयुक्त शिकायत सौंपकर नियुक्ति रद्द करने और निष्पक्ष चयन की मांग की है।
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ग्रामीणों की बैठक जोलेन आइंद की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें आंगनबाड़ी केंद्र-ए की सेविका नियुक्ति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में आरोप लगाया गया कि करीब छह माह पहले हुए चयन में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि चयन प्रक्रिया के दौरान संबंधित अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन एसटी बहुल बस्ती होने के बावजूद गैर-एसटी महिला श्रीमती रिया थापा का चयन कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी सेविका चयन के नियमों के अनुसार अनुसूचित जनजाति बहुल गांव या मोहल्ले में एसटी वर्ग की महिला को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका आरोप है कि चयनित महिला न तो एसटी समुदाय से हैं और न ही आदिवासी कॉलोनी की निवासी हैं। इसलिए उनकी नियुक्ति नियमों के विपरीत है।
बैठक के बाद ग्रामीणों ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। शिकायत पत्र में मतकमहातु पंचायत की मुखिया जुलियाना देवगम ने भी कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए निष्पक्ष जांच और नियमों के अनुरूप पुनः चयन कराने की मांग की है।
शिकायत पत्र पर 40 से अधिक स्थानीय लोगों के हस्ताक्षर हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।








