NIT Jamshedpur Convocation 2025: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मेधावियों को सौंपे गोल्ड मेडल, युवाओं को बताया ‘नेशन बिल्डर्स’ NIT जमशेदपुर के इकोसिस्टम की सराहना, दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र

सरायकेला : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर का 15वां दीक्षांत समारोह सोमवार को संस्थान परिसर में गरिमामयी और भव्य तरीके से संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने न केवल मेधावी छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान कीं, बल्कि अपने ओजस्वी संबोधन से भविष्य के इंजीनियरों और शोधकर्ताओं में नया उत्साह भी भरा।

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​’नेशन बिल्डर्स’ बनें युवा: राष्ट्रपति

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, “पिछले 65 वर्षों से एनआईटी जमशेदपुर विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ रहा है। आज जो छात्र उपाधि प्राप्त कर रहे हैं, यह उनके वर्षों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। यह समय सिर्फ उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि देश के प्रति नए संकल्प लेने का है।” उन्होंने छात्रों को ‘नेशन बिल्डर्स’ की संज्ञा देते हुए कहा कि शिक्षण संस्थान केवल डिग्री देने की जगह नहीं बल्कि ऐसी ‘बौद्धिक प्रयोगशाला’ हैं जहाँ भविष्य की सोच आकार लेती है।

​भाषण के दौरान एक हल्का क्षण तब आया जब राष्ट्रपति ने छात्रों की तालियों में कमी देख चुटकी ली। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “शायद बच्चे भूखे हैं, इसलिए उत्साह कम दिख रहा है, तालियां बजाकर अपना जोश दिखाएं।” उन्होंने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहने की सीख भी दी।

​इनोवेशन और इकोसिस्टम की सराहना

राष्ट्रपति मुर्मू ने एनआईटी के स्टार्टअप इकोसिस्टम और इनक्यूबेशन सेंटर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सस्टेनेबल एनर्जी, वेस्ट मैनेजमेंट और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में मल्टी-स्टेकहोल्डर अप्रोच की जरूरत है। उन्होंने स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज (डॉक्टर ऑफ लिटरेचर) और उद्योगपति रबींद्र कुमार बेहरा (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) को मानद उपाधि से सम्मानित किए जाने पर खुशी जताई।

डिग्रियों और पदकों की बौछार

समारोह में कुल 1,114 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें से 612 छात्र व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। आंकड़ों के अनुसार 417 स्नातक, 149 स्नातकोत्तर और 46 पीएचडी शोधार्थियों को प्रमाणपत्र दिए गए। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए एम.एससी. (भौतिकी) के कृष्णाशिष मंडल (9.64 CGPA) और बी.टेक (इलेक्ट्रिकल) के प्रियांशु राज (9.52 CGPA) को राष्ट्रपति के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ।

​इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, मंत्री दीपक बिरुवा, एनआईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर गौतम सूत्रधार सहित कई गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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