Adityapur Dahare Tusu: डहरे टुसु परब झारखंडी संस्कृति का प्रतीक ,गांवो की परंपरा शहरों में आ रही करें इसका स्वागत: केशव महतो कमलेश

डहरे टुसु में गम्हरिया से आदित्यपुर तक उमड़ा जन सैलाब,

Adityapur: कुड़मी समाज द्वारा अपनी संस्कृति संरक्षण के उद्देश्य से रविवार को डहरे टुसु परब का आयोजन किया गया, जिसमे गम्हरिया से साकची तक सड़को पर जन सैलाब उमड़ पड़ा.

डहरे टुसु  में शामिल होने आदित्यपुर फुटबॉल मैदान के पास आयोजित कार्यक्रम में झारखंड कांग्रेस प्रदेश कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश पहुंचे। जहां इन्होंने डहरे टुसु को  झारखंडी सभ्यता संस्कृति का परिचायक बताया। इन्होंने कहा कि डहरे टुसू की शुरुआत टुसू पर्व से पूर्व की जाती है। टुसू पर्व तक लोग नई फसल के स्वागत में खेत खलिहान में नाचते झूमते हैं। यह परंपरा अब गांव से शहर की ओर आ रही है। जिसे हम सभी को स्वागत करना चाहिए।

पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कुड़मी समाज के आह्वान पर दिवंगत सांसद सुनील महतो के गम्हरिया समाधि स्थल से साकची आम बागान तक विशाल रैली निकाली गई ,जिसमें ढोल मांदर के थाप पर लोग थिरकते दिखे, कुड़मी समाज द्वारा अपने सभ्यता और संस्कृति बचाव के उद्देश्य से आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में सैकड़ो की संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए, लोगों का हुजूम दौरान उमड़ पड़ा, गम्हरिया से आदित्यपुर होते हुए जन सैलाब जमशेदपुर साकची आम बागान के लिए प्रस्थान किया ,इधर आदित्यपुर फुटबॉल मैदान से झामुमो नेता सह कुड़मी सेना टोटोमिक के केंद्रीय अध्यक्ष लालटू महतो के नेतृत्व में भी विशाल जन समूह का जुटान कर रैली निकाली गई, जहां डीजे की धुन पर कुरमाली संगीत पर महिलाएं नृत्य करती दिखी, इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष लालटू महतो ने बताया कि डहरे टुसू हमारी कला और संस्कृति की पहचान है।इसे व्यापक प्रचारित कर जन-जन तक पहुंचाने की मुहिम है ,आदिवासी मूलवासी समाज की सभ्यता और संस्कृति को बचाए रखने के साथ आगे बढ़ना हैं।

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