Jainthgarh (जैंतगढ़) : जैंतगढ़ में शनिवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व पूरे अकीदत और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। स्थानीय ईदगाह में सुबह छह बजे ईदुल अजहा की नमाज अदा की गई। नमाज की इमामत हजरत मौलाना हंजला रफी ने की।

मुस्लिम समुदाय के पुरुष, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में ईदगाह पहुंचे और नमाज में शामिल हुए। नमाज से पहले लोगों ने गुस्ल कर नए कपड़े पहने, अत्तर और सुरमा लगाया तथा तकबीर पढ़ते हुए ईदगाह पहुंचे। इसके बाद दो रकअत नमाज अदा की गई।

नमाज के बाद खुतबे को संबोधित करते हुए मौलाना हंजला रफी ने कहा कि बकरीद केवल जानवरों की कुर्बानी का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने गुरूर, घमंड, ईर्ष्या, द्वेष और नफरत को त्यागने का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा, प्रेम और इंसानियत को बढ़ावा देने की अपील की।
इस अवसर पर देश और दुनिया में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे के लिए विशेष दुआ मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से मुसाफा कर और गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी।
पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। दल-बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने भी समुदाय के लोगों को बकरीद की शुभकामनाएं दीं।
http://बकरीद में नमाज अदा कर मांगी अमन की दुआ, एक-दूसरे को गले लगकर दी बधाई








