जिला प्रशासन एवं रेलवे पुलिस गठित करेगी “एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टास्क फोर्स”, संभावित खतरे को जानकार की जाएगी मदद

Chaibasa:- पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त सह-जिला दंडाधिकारी अनन्य मित्तल के निर्देशानुसार बाल संरक्षण तंत्र को विकसित करने के लिए पंचायत स्तर एवं ग्राम स्तर पर समुदायों के बीच बाल अधिकारों एवं किशोर न्याय अधिनियम के बारे में नियमित जागरूकता अभियान जिला बाल संरक्षण कार्यालय, विभिन्न विभागों एवं गैर-सरकारी संस्था के संयुक्त तत्वाधान में चलाया जा रहा है. इस अभियान अंतर्गत भारत सरकार द्वारा रेलवे बचपन बचाओ के तहत जिला प्रशासन एवं रेलवे प्रशासन द्वारा संयुक्त रुप से मानव तस्करी को रोकने हेतु “एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग” कार्यक्रम के आलोक में ट्रैफिकिंग हॉटस्पॉट रेलवे स्टेशनों पर मुहिम की शुरुआत हुई है. उक्त के संदर्भ में प्रोटेक्शन पदाधिकारी डॉ कृष्णा कुमार तिवारी ने बताया कि जिला बाल संरक्षण कार्यालय मनोहरपुर एवं साउथ ईस्टर्न रेलवे मनोहरपुर पुलिस सुरक्षा बल द्वारा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग बचपन बचाओ अभियान के तहत टास्क फोर्स कमिटी गठित करने का निर्णय लिया गया है.

गठित समिति द्वारा चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाली निम्नलिखित स्टेशन चक्रधरपुर, सोनुवा,गोईलकेरा, मनोहरपुर एवं जराईकेला स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर रेलवे पुलिस बल द्वारा संभावित अवैध मानव तस्करी को रोकना, महिलाएं एवं बच्चों की संभावित खतरे को जानकार उनकी मदद की जाएगी. रेलवे सुरक्षा बल पुलिस उपनिरीक्षक राजेश रोशन के द्वारा बताया गया कि ऐसी घटनाक्रम की त्वरित सूचना जिला प्रशासन को प्रदान की जाएगी. उन्होंने बताया कि महादेवशाल में चाइल्डलाइन हेल्प डेस्क खोलने से महिलाओं और बच्चों को संकटकालीन परिस्थितियों से तुरंत निजात मिलेगी. मौके पर रायडीह पंचायत की मुखिया ने कहा कि ऐसी स्थिति से निपटने हेतु तत्काल सहायता तथा पुनर्वास प्रदान की जायेगी. इस बैठक के दौरान अशोक महतो पी.एल. वी, जिला बाल संरक्षण कार्यालय के जगरनाथ पोद्दार, चाईल्डलाईन गोईलकेरा से पूजा नायक एवं मनोहरपुर पुलिस, आर.पी.एफ. आदि उपस्थित रहे.

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