Chaibasa (चाईबासा) : गुवा स्थित सेल अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों के साथ कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ सोमवार शाम झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन के बैनर तले सैकड़ों ठेका मजदूरों एवं सेल कर्मियों ने अस्पताल परिसर का घेराव किया। शाम करीब 5 बजे शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे के नेतृत्व में प्रबंधन को मांगपत्र सौंपा गया।

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ज्ञापन में कहा गया कि जब से डॉ. ए.के. अमन को चिकित्सा प्रभारी बनाया गया है, तब से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बिगड़ती जा रही हैं। इसका असर सेल कर्मियों, स्थानीय लोगों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज कराने आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। संघ ने आरोप लगाया कि अस्पताल कर्मियों का व्यवहार मरीजों और उनके परिजनों के प्रति असंवेदनशील है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।

संघ ने अस्पताल में कई बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। मांगपत्र में दवाइयों की नियमित उपलब्धता, वार्ड, स्नानघर और शौचालयों की साफ-सफाई, नई एक्स-रे मशीन की व्यवस्था, मरीजों के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं नाश्ते की सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा रविवार को लैब सेवा चालू रखने, सभी मरीजों के लिए सलाइन उपलब्ध कराने, गर्भवती महिलाओं हेतु बेहतर प्रसूति सुविधा तथा अल्ट्रासोनोग्राफी सेवा शुरू करने की मांग भी शामिल रही।
संघ ने यह भी कहा कि राउरकेला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर किए जाने वाले मरीजों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ठेका कर्मियों के इलाज एवं दवाइयों के बिल भुगतान में देरी तथा अस्पताल परिसर में फैली गंदगी और मच्छरों की समस्या पर भी नाराजगी जताई गई।

झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। इसमें गुवा आयरन माइंस के उत्पादन और डिस्पैच को ठप करने जैसे कड़े कदम भी शामिल हो सकते हैं। संघ ने इसकी पूरी जिम्मेदारी सेल प्रबंधन पर डाली है। ज्ञापन की प्रतिलिपि संबंधित उच्च अधिकारियों एवं गुवा थाना प्रभारी को भी भेजी गई है।
http://गुवा सेल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर यूनियन का हमला, सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी







